गाजीपुर ब्यूरो: अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत गाजीपुर पुलिस की स्वाट टीम और कोतवाली पुलिस ने संयुक्त कार्...
गाजीपुर ब्यूरो: अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत गाजीपुर पुलिस की स्वाट टीम और कोतवाली पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक बड़े असलहा तस्कर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा के कुशल निर्देशन में पुलिस टीम ने गुरुवार देर रात करीब 1:45 बजे कोतवाली थाना क्षेत्र के कैथवलिया पुलिया के पास घेराबंदी कर तीन शातिर तस्करों को दबोच लिया। इनके कब्जे से 19 पिस्टल और 19 तमंचों सहित कुल 38 अवैध आग्नेयास्त्र और 18 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
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| Purvanchal Samachar |
कैथवलिया पुलिया के पास आधी रात घेराबंदी कर दबोचे गए तस्कर
पुलिस के अनुसार, मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी कि कैथवलिया पुलिया के समीप कुछ तस्कर भारी खेप के साथ डिलीवरी देने की फिराक में खड़े हैं।
सूचना मिलते ही स्वाट टीम प्रभारी उपनिरीक्षक शैलेंद्र प्रताप सिंह और अपराध निरीक्षक देवेंद्र कुमार मिश्रा के नेतृत्व में गठित संयुक्त टीम ने मौके की घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही बाइक सवार तीन संदिग्ध भागने लगे, जिन्हें पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान:
- रतन विश्वकर्मा (19 वर्ष): निवासी भदौरा, थाना गहमर, गाजीपुर
- रवि कुमार (19 वर्ष): निवासी भदौरा, थाना गहमर, गाजीपुर
- अभिषेक कुमार (20 वर्ष): निवासी फुल्ली, थाना दिलदारनगर, गाजीपुर
बैगों से 38 असलहे बरामद, अपाचे बाइक व मोबाइल जब्त
आरोपियों के बैगों की तलाशी लेने पर हथियारों का जखीरा देखकर पुलिस टीम भी दंग रह गई। बरामदगी का विवरण:
- अवैध आग्नेयास्त्र: 18 पिस्टल (.32 बोर), 1 पिस्टल (.9 एमएम) और 19 देशी तमंचे (.315 बोर) — कुल 38 हथियार।
- कारतूस व अन्य सामान: 18 जिंदा कारतूस, 3 मोबाइल फोन, 900 रुपये नकद और तस्करी में प्रयुक्त टीवीएस अपाचे (TVS Apache) बाइक।
पूरी बरामदगी और गिरफ्तारी की विधिक प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए 'ई-साक्ष्य' के माध्यम से वीडियोग्राफी भी कराई गई।
मध्य प्रदेश से जुड़े हैं तस्करी के तार
कड़ाई से पूछताछ में गिरफ्तार तस्करों ने स्वीकार किया कि वे मध्य प्रदेश के खंडवा और बुरहानपुर जिलों से अवैध हथियारों की खेप लाकर पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों में ऊंची कीमतों पर सप्लाई करते थे।
आरोपियों ने गिरोह से जुड़े दो अन्य प्रमुख सहयोगियों के नामों का भी खुलासा किया है, जिनकी धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। आरोपियों के विरुद्ध आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जा रहा है।
